Film review: MOM 

 Film: Mom

Release date: 7 july 2017

Cast: Sridevi, Nawazuddin siddiqui, Akshaye khanna, Adnan siddiqui, Sajal ali

Screenplay: Girish kohli

Direction: Ravi udyawar

LanguageHindi

कहानी–

“गलत और बहुत गलत में से चुनना हो तो आप क्या चुनेंगे” इसी सवाल के साथ शुरू होती यह फिल्म आर्या (सजल अली) और उसकी सौतेली माँ देवकी के बीच के संबंधों की कहानी है। आर्या देवकी को पसंद नहीं करती क्योंकि वह उसकी सौतेली माँ है, जबकि देवकी उसे अपनी बेटी की तरह प्यार देने का पूरा प्रयास करती है। आर्या अपने डैड यानी कि आनंद सबरवाल(अदनान सिद्दीकी) से वैलेंटाइन पार्टी में जाने की इजाज़त लेती है। पार्टी में उसका एक क्लासमेट उससे बदतमीज़ी करने लगता है। उसका विरोध करने पर वह भड़क जाता है और अपने बड़े भाई और उसके दोस्त के साथ मिलकर चलती गाड़ी में उसके साथ ज्यादती करता है। क्राइम ब्रांच ऑफिसर मैथ्यू फ्रांसिस(अक्षय खन्ना) आर्या के बयान पर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लेता है पर सबूतों की कमी के चलते कोर्ट सभी को रिहा कर देती है। यह सदमा देवकी और उसका परिवार बर्दाश्त नहीं कर पाता और फिर देवकी, डिटेक्टिव दयाशंकर कपूर उर्फ़ डी.के की मदद से सभी मुजरिमों से बदला लेने निकल पड़ती है। देविका किस तरह अपना बदला लेगी यह जानने के लिए आपको सिनेमाघरों का रुख करना पड़ेगा। 

Reveiw–
फिल्म को दिखाने का तारीका नया है और अच्छी बात यह है कि इस बार कोई भी मुज़रिम किसी मंत्री या बड़े उद्योगपति का लड़का नहीं है। डायरेक्टर एवं लेखक के सामने सबसे बड़ी चुनौती थी की किस तरह इसे बाकी कहानियों से अलग बनाया जाये और ऐसा करने में वह काफी हद तक सफल भी हुए हैं। 

पटकथा- पटकथा की बात की जाए तो गिरीश कोहली ने अच्छा काम किया है। कहानी पर पकड़ बना कर रखी। जब इस तरह की कहानी को दर्शक बार-बार परदे पर देखते हैं तो वह उम्मीद करते हैं कि हर बार कहानी अलग हो पर सीख वही। कहानी को निश्चित तौर पर किरदारों को जेहन में रखकर लिखा गया है। संवाद थोड़ी और मजबूत हो सकते थे। कहानी पर भी थोड़ा और प्रयोग किया जा सकता था पर वह शायद किरदार के साथ न्याय नहीं कर पाती इसलिए लेखक को दोष नहीं दिया जा सकता। 

निर्देशन– निर्देशन अच्छा है। सेकंड हॉफ को थोड़ा और कसा जा सकता था पर ठीक है। रवि उद्यवार की यह पहली फिल्म है और उन्होंने इसे बनाने में पूरी मेहनत की है। कुछ कमियां हैं जिन्हें दर्शक के नज़रिए से अनदेखा किया जा सकता है। सिनेमेटोग्राफी अच्छी है। कुछ शॉट्स बहुत उम्दा हैं। सभी कलाकारों से सही काम लिया गया है।

अभिनय– अभिनय अच्छा है। सजल अली ने आर्या के किरदार के साथ न्याय किया है। श्रीदेवी ने इंग्लिश-विंग्लिश के बाद फिर अच्छे अभिनय का परिचय दिया। अदनान सिद्दीकी ने आनंद के रूप में एक अच्छे पिता का किरदार निभाया है। नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी जितने भी समय के लिए परदे पर आए दर्शकों का मन मोह लिया। अक्षय खन्ना ने वाकई कमाल का अभिनय किया है। शायद वह दिखाना चाहते हैं कि उनमें अभी बहुत अभिनय बाकी है। अन्य किरदार भी ठीक-ठाक लगे। 

संगीत- संगीत अच्छा है। ए.आर रहमान के संगीत और इरशाद कामिल द्वारा लिखे गीतों ने गानों को खूबसूरत रूप दिया है। 

फिल्म को बनाने का तरीका अच्छा है। कहानी वही है पर मजबूत है। सभी के अभिनय और रवि उद्यवार की मेहनत के लिए फिल्म अवश्य देखें। 

Rising stars– 4/5

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