Film review: Naam Shabana

Film: Naam shabana

Release date: 31 march 2017

Cast: Taapsee pannu, Prithviraj sukumaran, Manoj bajpayee, tahir shabbir.

Akshay Kumar, Anupam kher, Danny denzongpa (special appearance)

Story: Neeraj pandey

Director: Shivam Nair

Language: Hindi

कहानी-

कहानी की शुरूआत में दुनिया का मोस्ट वांटेड आर्म्स डीलर मिखाइल, उसे पकड़ने आए दो इंडियन ऑफिसर्स को मारकर फिर से भागने में कामयाब हो जाता है। शबाना खान (तापसी पन्नू) एक कॉलेज स्टूडेंट होने के साथ-साथ मार्शल आर्ट्स की ट्रेनिंग लेती है और अपनी अम्मी के साथ रहती है। उसकी जिंदगी में मोड़ तब आता है जब वह अपने दोस्त जय (ताहिर शब्बीर) के साथ उसके बर्थडे पार्टी से लौट रही होती है और तभी कुछ लड़के उससे बदतमीजी करते हैं। उनमें से एक लड़का जय के सर पर रॉड मर देता है। जब पुलिस उन लड़कों का पता नहीं लगा पाती तब सीक्रेट इंटेलिजेंस का सीनियर ऑफिसर रणवीर सिंह (मनोज बाजपेयी) जो शबाना को सालों से ट्रैक कर रहा था, उससे उन लड़कों का पता बताने के बदले में उनकी एजेंसी के लिए काम करने का प्रस्ताव रखता है जिसे शबाना स्वीकार कर लेती है। एजेंसी को पता लगता है कि मिखाइल का बिज़नेस पार्टनर टोनी( पृथ्वीराज सुकुमरन) मलेशिया में है। उसे पकड़ने के लिए रणवीर, अजय(अक्षय कुमार) और शुकला (अनुपम खेर) को शबाना के साथ मलेशिया भेजता है। क्या टोनी बाकई मिखाइल का पता जानता है? या सच कुछ और ही है? इसका जवाब तो फिलहाल आपको फिल्म देखकर ही पता चलेगा। 

Review-

फिल्म बेबी की पूर्व कड़ी जरूर है पर अगर फिल्म के किरदारों को हटा दिया जाए तो फिल्म का कोई भी हिस्सा उसे बेबी की तरह ख़ास नहीं बनाता। सिनेमेटोग्राफी अच्छी है। साउंड इफेक्ट्स पर भी अच्छा काम हुआ है। 

पटकथा- कहानी और डायलॉग्स का निर्माण नीरज पांडे द्वारा किया गया है। डायलॉग्स तो अच्छे हैं पर कहानी थोड़ी कमजोर रह गयी। पहला हॉफ शबाना का संघर्ष दिखाता है जिसे दर्शक स्वीकार भी कर लेते हैं पर दूसरा हाफ थोड़ा और कसा हुआ होना चाहिए था। बेशक दर्शक जब नाम शबाना देखने आए हैं तो वह बेबी की झलक देखना चाहते हैं जो  कहीं-न-कहीं गायब है। किरदारों को सीमित लिखा है। 

निर्देशन- निर्देशन अच्छा है। शिवम नायर की पिछली फिल्म भाग जॉनी फ्लॉप रही थी। उन्होंने अपना काम अच्छे से अदा किया है। सिनेमेटोग्राफी और एडिटिंग पर खासा ध्यान दिया है। 

अभिनय- तापसी पन्नू ने निश्चित तौर पर अच्छा काम किया है। ताहिर उनके बॉयफ्रेंड के रूप में ठीक-ठाक लगे। अक्षय जितने भी समय के लिए आए फिल्म में चार-चांद लगा गये। मनोज बाजपेयी हमेशा की तरह उत्तम। पृथ्वीराज को हिंदी फिल्मों में अंतिम बार औरंगजेब में देखा गया था। टोनी के रूप में वह अच्छे लगे। अन्य कलाकारों ने भी अच्छा काम किया। 

म्यूजिक- म्यूजिक एवरेज है। ज़ुबी-ज़ुबी और ज़िंदा अच्छा है। 

अगर आप बेबी के पहले शबाना की कहानी जानना चाहते हैं तो फिल्म जरूर देख सकते हैं। एवरेज कहानी पर अच्छे  अभिनय के लिए फिल्म एक बार तो देखी जा सकती है। 

Rising Stars- 2.5/5

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